अशोकनगर जिले में पुलिस और आबकारी महकमे की तमाम कोशिशों के बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसका खामियाजा अब ग्रामीण इलाकों के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जहां नशे की लत के कारण घरेलू कलह और आर्थिक तंगी आम हो गई है।

धनवारा गांव में सड़क पर उतरे ग्रामीण

शनिवार को धनवारा गांव के रहवासी अवैध शराब के विरोध में सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में शराब की लत के कारण आए दिन घरों में मारपीट और विवाद की स्थिति बनती है। साथ ही, मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा नशे में उजड़ जाने से परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।

थाना प्रभारी ने दी समझाइश और कार्रवाई का भरोसा

सड़क जाम किए जाने की सूचना मिलते ही कदवाया थाना प्रभारी मनीष जादौन पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि शराब के कारण महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गांव में शराब की खरीद-फरोख्त और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई।

थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि अवैध शराब बेचने वालों या सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई करेगी। पुलिस की इस समझाइश के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए।

जिले में चल रहा है अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान

ग्रामीणों का यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब जिले में प्रशासनिक स्तर पर अवैध शराब के खिलाफ लगातार दबिश दी जा रही है। पिछले दिनों 6 सितंबर से 11 सितंबर के बीच पुलिस और आबकारी विभाग ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए जंगलों और नदी के किनारों से हजारों लीटर महुआ लाहन नष्ट किया था।

इस अभियान के दौरान मुल्लाखेड़ी, माधौगढ़, मुंगावली, मढूरा बहादरा, चंदेरी के दुधराई, विक्रमपुर गालोन, किर्राया, पहाड़पुर, फतेहाबाद और ईसागढ़ के परेवा क्षेत्रों में लगातार छापे मारे गए। इस अवधि में आबकारी विभाग ने कुल 21 प्रकरण दर्ज किए, जिसमें देशी शराब, हाथभट्टी की कच्ची शराब और करीब 1910 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार नष्ट किए गए लाहन और जप्त शराब की कुल अनुमानित कीमत 2.10 लाख रुपए आंकी गई है।