अशोकनगर जिले में राजस्व कार्यों के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता बरतने वाले मैदानी अमले पर प्रशासन का शिकंजा कसा है। गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात तीन पटवारियों के खिलाफ निलंबन की यह कार्रवाई की गई है।

समय पर नक्शा तैयार न करने पर गिरी गाज

अशोकनगर के एसडीएम इसरार खान ने बामोरीताल हलके में पदस्थ पटवारी अरविंद रघुवंशी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सेमरीलोहाबाद गांव का नक्शा निर्धारित समयावधि में तैयार नहीं किया। साथ ही, इस संबंध में उच्च अधिकारियों द्वारा जारी किए गए स्पष्टीकरण नोटिस का भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था।

82 दिनों तक बिना किसी सूचना के रहीं गायब

ईसागढ़ क्षेत्र के गणेशखेड़ा हलके में तैनात पटवारी प्रेमवती बैगा पर भी गाज गिरी है। ईसागढ़ एसडीएम त्रिलोचन गौड़ के अनुसार, यह महिला पटवारी 26 जून से लेकर 15 सितंबर तक लगातार 82 दिनों तक बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कार्यस्थल से नदारद रहीं।

इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहने के कारण क्षेत्र के आम नागरिकों को नामांतरण और जमीन के बंटवारे जैसे जरूरी राजस्व कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मुंगावली में जांच रिपोर्ट न सौंपने पर एक्शन

मुंगावली उपखंड के अंतर्गत बामोरीखुटिया में पदस्थ पटवारी किशोरी खेस को भी निलंबित किया गया है। मुंगावली एसडीएम बृजविहारीलाल श्रीवास्तव ने यह कदम उठाया क्योंकि उक्त पटवारी ने भूमि सुधार से जुड़े एक मामले में बार-बार ताकीद करने के बावजूद जांच रिपोर्ट पेश नहीं की थी।

कार्रवाई के दायरे में आईं पटवारी किशोरी खेस को नोटिस का जवाब न देने का भी दोषी पाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय एसडीएम कार्यालय मुंगावली निर्धारित किया गया है।