अशोकनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी ने यहां दो अलग-अलग गुरुद्वारों की दानपेटियों के ताले चटकाए थे और हजारों की नकदी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

आठ अक्टूबर को सामने आया था पहला मामला

घटना की शुरुआत देहात थाना क्षेत्र से हुई थी। ग्राम खमतला राजतला के रहने वाले सुखमोहन सिंह सिख ने बीते आठ अक्टूबर को थाने पहुंचकर चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके गांव स्थित गुरुद्वारे की दानपेटी का ताला किसी ने तोड़ दिया है और अंदर रखी पूरी नकदी गायब है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।

दूसरे गुरुद्वारे को भी बनाया था निशाना

खमतला के अलावा ईसागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ध्यानपुर खिरिया के गुरुद्वारे में भी चोरी की ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी। वहां भी अज्ञात बदमाश ने दानपेटी का ताला तोड़कर नकदी पर हाथ साफ कर दिया था। लगातार सामने आ रही इन वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने चोर की सुरागकसी तेज कर दी थी।

संयुक्त टीम ने लखीमपुर खीरी के युवक को पकड़ा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में एक संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को ईसागढ़ रोड से संदिग्ध को दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 21 वर्षीय गुरुदास सिंह पुत्र बूटा सिंह सिख के रूप में हुई, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के उद्योगनगर का रहने वाला है।

कुल दो लाख आठ हजार से अधिक की राशि बरामद

कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों गुरुद्वारों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने खमतला गुरुद्वारे से 1 लाख 68 हजार 300 रुपए और ध्यानपुर खिरिया गुरुद्वारे से 40 हजार 250 रुपए चुराए थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दोनों मामलों की कुल राशि यानी 2 लाख 8 हजार 550 रुपए नकद बरामद कर लिए हैं।

चोरी की इस घटना का खुलासा करने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके पश्चात उसे संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे उचित न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की गई।