अशोकनगर जिले में शनिवार को समाजवादी पार्टी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और बाद में राष्ट्रपति के नाम संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया।

खाद के लिए ई-टोकन व्यवस्था बंद करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मुख्य रूप से डीएपी और यूरिया खाद के वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की मांग रखी। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी खामियों और टोकन के शीघ्र समाप्त हो जाने के कारण किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की सुविधा के लिए सहकारी समितियों तथा ग्रामीण स्तर के केंद्रों पर ऑफलाइन माध्यम से खाद उपलब्ध कराई जाए और इसकी कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास योजनाओं में गड़बड़ी का मुद्दा

सौंपे गए ज्ञापन में स्थानीय स्तर पर शासकीय विद्यालयों की बदहाली का जिक्र किया गया। कार्यकर्ताओं ने स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों, जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं के आभाव को दूर करने की पुरजोर मांग उठाई। साथ ही, ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को पूरा किए जाने पर जोर दिया गया।

सपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में कथित तौर पर हो रही अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की है। ज्ञापन में कई अन्य स्थानीय और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे भी शामिल किए गए।

मापें नहीं मानी गईं तो 27 अक्टूबर को होगा धरना

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के अंत में सपाइयों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो आगामी 27 अक्टूबर को बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।