अशोकनगर जिले में अंधविश्वास और अनहोनी का भय दिखाकर एक महिला के सोने-चांदी के जेवर ठगने वाले शातिर गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को उत्तराखंड से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से ठगी के जेवर बेचने से मिले 2 लाख 70 हजार रुपए और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी पहले महिलाओं से सामान्य बातचीत कर उनके परिवार और निजी जीवन से जुड़ी जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य उन्हीं जानकारियों को भविष्य की भविष्यवाणी बताकर महिलाओं को यह विश्वास दिलाता था कि उसे दैवीय शक्तियां प्राप्त हैं।

परिवार पर किसी बड़ी विपत्ति या अनहोनी का खतरा बताकर आरोपियों द्वारा महिलाओं को डराया जाता था। डर के माहौल में महिलाएं आसानी से उनके झांसे में आ जाती थीं। इसके बाद संकट टालने का झांसा देकर उनसे सोने-चांदी के आभूषण उतरवा लिए जाते थे और मौका पाकर आरोपी जेवर लेकर फरार हो जाते थे।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

बीती 8 अगस्त को शहर के विवेक टॉकीज गली निवासी 64 वर्षीय अनंतदेवी जैन ने कोतवाली थाने में इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि अज्ञात ठगों ने उन्हें परिवार पर संकट का डर दिखाकर बातों में उलझाया और उनके पहने हुए आभूषण उतरवा लिए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की तकनीकी जांच और होटलों के रिकॉर्ड के आधार पर चार संदिग्धों की पहचान सजाकत, गफ्फार, इमरान और शहजाद के रूप में हुई। ये सभी आरोपी उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के निवासी हैं।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

आरोपियों की सुरागकशी के लिए पुलिस ने दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, ओडिशा और कानपुर सहित कई राज्यों में दबिश दी। आखिरकार 23 सितंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी सजाकत को उत्तराखंड से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।

फिलहाल पुलिस इस गिरोह के तीन अन्य फरार सदस्यों और ठगे गए आभूषणों को खरीदने वाले व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, चमत्कार या अनहोनी के डर दिखाने वाले अनजान लोगों की बातों में बिल्कुल न आएं और ऐसी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।