स्थानीय प्रशासनिक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस वक्त माहौल गंभीर हो गया, जब ग्राम सतपैया निवासी सुकनलाल आदिवासी ने अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि गांव के कुछ दबंग लोग लगातार उनके घर को निशाना बना रहे हैं।

शराब के नशे में घर को घेरकर करते हैं पथराव

पीड़ित सुकनलाल ने एसडीएम मनीष धनगर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि गांव की ही गीता बाई आदिवासी, सुनीता बाई और उनके बेटे आए दिन शाम ढलने के बाद शराब के नशे में उनके घर के बाहर पहुंचते हैं। आरोपी रातभर गालियों का इस्तेमाल करते हैं और घर पर पत्थर फेंकते हैं।

सुकनलाल के अनुसार, दबंगों द्वारा महिलाओं के साथ अभद्र इशारे भी किए जाते हैं, जिससे उनका पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस पूरी गुंडागर्दी के सबूत के तौर पर उनके पास कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित हैं।

पुरानी पुलिस शिकायत बनी विवाद की मुख्य वजह

प्रशासन को दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ पुरानी रंजिश है। बीते 16 सितंबर 2026 को गीता बाई के बेटे विजय आदिवासी ने पीड़ित की बहू के साथ गलत हरकत की थी, जिसकी शिकायत तुरंत विक्रमपुर पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी।

इसी पुलिस शिकायत से खफा होकर आरोपी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा है तथा परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने न्याय न मिलने पर किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई है।

एसडीएम ने दिए सख्त जांच और कार्रवाई के आदेश

मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 7 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सतपैया गांव का यह मामला सबसे गंभीर माना गया। एसडीएम मनीष धनगर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित तथा निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।