अशोकनगर जिले के चंदेरी इलाके में रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई-बहन के प्रेम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। पर्व के दिन भाई की कलाई पर राखी सजाने की जिद के आगे बहनों को उफनता सैलाब भी नहीं रोक सका।
कमर तक पानी में उतरने को मजबूर हुईं बहनें
घटना चंदेरी से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित तगारी और वांकलपुर गांवों के बीच बने रपटे की है। लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से स्थानीय नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते इस रपटे के ऊपर से कमर की ऊंचाई तक पानी बह रहा है।
शुक्रवार की शाम को सामने आए दृश्यों में साफ देखा गया कि कैसे तमाम महिलाएं और युवतियां अपनी जान को जोखिम में डालकर इस तेज बहाव वाले पानी को पार कर रही हैं। जरा सी लापरवाही इस मार्ग पर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
कंधे पर बाइक उठाकर निकलने को विवश हुए ग्रामीण
यह मुसीबत सिर्फ पैदल चलने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए भी हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। ग्रामीणों को अपने दोपहिया वाहन यानी बाइक को कंधों पर लादकर इस बहाव से पार ले जाना पड़ रहा है।
पानी के तेज वेग के कारण वाहनों के साथ लोगों के भी फिसलने और बहने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद मायके जाकर भाई को रक्षा सूत्र बांधने के संकल्प के आगे बहनों और ग्रामीणों के कदम नहीं रुके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!