अशोकनगर जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालक और सेल्समेन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन की राह पर नजर आए। वे अपनी पीओएस मशीनों को हाथ ठेले पर रखकर सीधे कलेक्ट्रेट परिसर जा पहुंचे।
कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
जब प्रशासनिक अधिकारियों ने इन मशीनों को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो दुकानदारों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में संचालक और सेल्समेन शाम तक धरने पर बैठे रहे।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से भी मुलाकात की और अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की पुरजोर मांग उठाई।
वेतन और कमीशन बढ़ाने की मांग
दुकानदारों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि सेवा सहकारी समितियों के सेल्समेनों को कलेक्टर दर के हिसाब से हर महीने वेतन दिया जाए। साथ ही, स्व-सहायता समूहों और उपभोक्ता भंडारों का कमीशन 5,400 और 8,900 रुपए से बढ़ाकर प्रति दुकान 20 हजार रुपए तय किया जाए।
संचालकों ने शहरी क्षेत्रों में प्रति क्विंटल मिलने वाले भुगतान को 90 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए करने की बात कही। इसके साथ ही मई, जून और जुलाई महीने का रुका हुआ कमीशन तत्काल जारी करने की मांग भी रखी गई।
181 शिकायतों को निरस्त करने की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अगस्त और सितंबर महीने का राशन केवल एक ही बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर वितरित कराया जाए। इसके अलावा, उपभोक्ताओं की तरफ से 181 पर दर्ज शिकायतों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा गया कि इसके लिए दुकानदारों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।






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बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!