अशोकनगर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस यानी नेहरू पीजी कॉलेज परिसर में गुरुवार को अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (AIDSO) के बैनर तले विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ अपनी शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं को लेकर आवाज उठाई।

नियमित कक्षाओं और शिक्षकों की कमी का मुद्दा

संगठन के पदाधिकारियों ने कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित न होने पर रोष जताया। उनका कहना था कि विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी है। मांग उठाई गई कि जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक अस्थायी तौर पर शिक्षकों और कर्मियों की व्यवस्था की जाए। साथ ही ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों से बस सुविधा के नाम पर वसूले जा रहे 360 रुपए शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर मुफ्त बस पास देने की मांग की गई।

किताबें, लैब और हॉस्टल शुरू करने की मांग

सौंपे गए ज्ञापन में अंडर ग्रेजुएट (UG) के चौथे वर्ष समेत सभी विषयों की पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराने और समय पर सिलेबस छात्रों तक पहुंचाने की बात कही गई। इसके अलावा लंबे समय से बंद पड़ी साइंस लैब को शुरू करने, प्रयोग के लिए जरूरी सामग्री जुटाने और स्थायी लैब टेक्नीशियन रखने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। छात्राओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम चालू करने और ताले में बंद पड़े छात्रवासों को दोबारा खोलने की मांग भी शामिल रही।

पेयजल, खेल सुविधाएं और छात्रवृत्ति के मुद्दे

कॉलेज परिसर में साफ-सफाई की स्थिति सुधारने और शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर व प्यूरीफायर लगवाने की मांग की गई। खेलकूद के लिए मैदान और खेल सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त पोस्ट ग्रेजुएट (PG) के सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स को सरकारी पाठ्यक्रमों में बदलने, नए विषय जोड़ने, लंबे समय से रुकी छात्रवृत्ति का भुगतान करने तथा एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए आवास सहायता राशि जारी करने की मांग की गई।

प्रदर्शन के अंत में छात्र संगठन ने प्रत्यक्ष प्रणाली के माध्यम से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और नई शिक्षा नीति 2020 को निरस्त करने की मांग उठाई। यह ज्ञापन संगठन के अध्यक्ष विश्ववीर भंडारी और सचिव शिशुपाल पाल के नेतृत्व में अन्य छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में कॉलेज प्राचार्य को सौंपा गया।