आवासीय जमीनों पर चल रहे हैं कॉमर्शियल प्रतिष्ठान

अशोकनगर जिले के ईसागढ़ में राजस्व विभाग उन लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है जो बिना कॉमर्शियल डायवर्सन के रिहायशी भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। खसरे में आवासीय दर्ज जमीनों पर मैरिज गार्डन, शो-रूम, स्कूल, कॉलेज और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिए गए हैं। ऐसे प्लॉट मालिकों को प्रशासन की ओर से सात दिन की मोहलत दी गई है।

भारी जुर्माने और अर्थदंड की चेतावनी

तहसीलदार आकाश शर्मा ने जानकारी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर सत्यापन और डायवर्सन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत बकाया राशि पर 50 प्रतिशत तक का अतिरिक्त अर्थदंड वसूला जाएगा। प्रारंभिक सर्वे में यह बात सामने आई है कि ईसागढ़ से अशोकनगर रोड पर सबसे ज्यादा इमारतें बिना डायवर्सन के चल रही हैं।

24 से अधिक बड़े बकायेदार चिह्नित

राजस्व विभाग की शुरुआती जांच में 24 से ज्यादा बड़े व्यावसायिक प्लॉटधारियों की पहचान कर ली गई है, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में भी सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित लोग सात दिनों के भीतर अपने पटवारी से खसरे का सत्यापन करवाकर डायवर्सन के लिए आवेदन प्रस्तुत करें।