अशोकनगर और चंदेरी के स्थानीय बाजारों में त्योहारी सीजन के दस्तक देते ही खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। दालों के लगातार महंगे होने से मध्यम वर्गीय परिवारों और आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।
एक महीने में तीस रुपए तक उछली तुअर दाल
थोक बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, जो तुअर दाल पिछले महीने 120 से 125 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रही थी, वह अब बढ़कर 150 से 155 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। महज एक महीने के भीतर इसके दामों में 30 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।
तुअर के अलावा अन्य दालों के दामों में भी आग लगी है। चना दाल के भाव 75-76 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 88-89 रुपए प्रति किलो हो चुके हैं। इसके साथ ही उड़द और मूंग दाल की कीमतों में भी 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक की तेजी आई है।
मसूर और शक्कर के दामों में भी बदलाव
हालांकि, अन्य दालों की तुलना में मसूर दाल के दामों में अपेक्षाकृत कम तेजी आई है और इसके भाव करीब 3 रुपए प्रति किलो ही बढ़े हैं। इसके उलट, शक्कर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
कुछ दिन पहले 48 रुपए प्रति किलो बिकने वाली शक्कर के दाम बढ़कर 58 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए थे, हालांकि मंगलवार को इसके भाव 55 रुपए प्रति किलो दर्ज किए गए। लगातार बढ़ते इन दामों के कारण उपभोक्ताओं को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
कमजोर बारिश और त्योहारी मांग बनी मुख्य वजह
किराना बाजार के जानकारों और स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, दालों के महंगा होने के पीछे इस साल मानसून के दौरान कम बारिश होना और उसके चलते उत्पादन घटना मुख्य कारण है।
कटनी और भोपाल के जिन इलाकों में तुअर, मूंग, उड़द और चने की पैदावार होती है, वहां कम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन में अचानक मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रमों का असर भी स्थानीय थोक व खुदरा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!