अशोकनगर जिले के अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक एवं पर्यटक नगरी चंदेरी में यातायात व्यवस्था प्रशासनिक लापरवाही के कारण बदहाल होती जा रही है। शहर के मुख्य मार्ग पर शाह विलास दरगाह के नजदीक रोजाना ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क के बीचों-बीच खड़ा किया जा रहा है।

प्रमुख मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित

इस अति व्यस्त मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों के इस प्रकार खड़े रहने की वजह से आवागमन बुरी तरह बाधित हो रहा है। सड़क पर लगातार लग रहे लंबे जाम के चलते स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

चंदेरी एक प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्र है, जहां रोजाना देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। मुख्य मार्ग पर फैली इस व्यवस्था के कारण बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच शहर की गलत छवि बन रही है और उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क पर संकरा रास्ता और दुर्घटना का अंदेशा

मार्ग के दोनों तरफ बेतरतीब ढंग से खड़ी ईंटों की ट्रॉलियों के कारण अन्य वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती है। व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा ट्रैफिक सिस्टम ठप हो जाता है, जिससे चारपहिया चालकों को बेहद सतर्कता बरतनी पड़ती है।

बीच सड़क पर खड़े इन वाहनों के कारण किसी भी समय गंभीर सड़क हादसा होने की आशंका बनी हुई है। सामान्य गति से आ रहे चालकों को अचानक ट्रॉलियां दिखने पर इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों के टकराने का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है।

प्रशासन से समाधान की मांग

सबसे अधिक खतरा दोपहिया चालकों के लिए पैदा हो गया है, जिन्हें इन ट्रॉलियों के पास से अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासी प्रमोद कोली, महेंद्र कुमार और राजकुमार नामदेव का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।