बड़नगर से आरंभ होकर वाराणसी की ओर अग्रसर जल जन यात्रा का पिपरई क्षेत्र में स्थानीय निवासियों द्वारा उत्साहपूर्ण और आत्मीय स्वागत किया गया। यात्रा के आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा गया और पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं।

बुंदेली लोक संस्कृति की अनूठी झलक

स्वागत समारोह के दौरान बुंदेलखंड की प्रसिद्ध लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बुंदेली राई लोकनृत्य रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।

पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों और ढोलक की थाप पर कलाकारों ने जब अपनी प्रस्तुतियां दीं, तो दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ झूम उठे। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।

जल संरक्षण और भूजल बचाने का आह्वान

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनमानस को जल के महत्व से अवगत कराना रहा। यात्रा दल के प्रतिनिधियों ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पानी को जीवन का मुख्य आधार बताया।

वक्ताओं ने लगातार नीचे गिरते भूजल स्तर पर गहरी चिंता प्रकट की। उन्होंने ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे वर्षा जल का संचयन करें, पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुओं और तालाबों को बचाएं तथा पानी के अनावश्यक दोहन को रोककर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।