अशोकनगर जिले में उस समय नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब स्थानीय प्रधान डाकघर की शिलापट्टिका पर कांग्रेस विधायक का नाम गायब मिला। इस मामले को लेकर सोमवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रोटोकॉल के उल्लंघन का लगाया आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा, स्थानीय विधायक हरिबाबू राय और प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शिलापट्टिका से जनप्रतिनिधि का नाम हटाना किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिससे नेताओं को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है।
इस मुद्दे पर विधायक हरिबाबू राय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह प्रधान डाकघर किसी एक विधानसभा क्षेत्र का न होकर पूरे जिले का है। नियमानुसार शिलापट्टिका पर जिले के तीनों विधायकों के साथ-साथ जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम भी अंकित होना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रोटोकॉल की अनदेखी की गई।
विधानसभा और प्रशासन तक पहुंचेगी शिकायत
विधायक हरिबाबू राय ने स्पष्ट किया कि डाकघर अधीक्षक अपने स्तर पर इस तरह का निर्णय नहीं ले सकते और इसके पीछे सत्ता पक्ष का दबाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस गंभीर मामले को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। इस संबंध में वे विधानसभा अध्यक्ष को अपनी औपचारिक शिकायत भेज चुके हैं, जिसकी प्रतियां नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य कांग्रेस विधायकों को भी दी जाएंगी।
उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्होंने कलेक्टर को व्हाट्सऐप के माध्यम से दी थी। कलेक्टर ने इस बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा था कि उन्होंने अभी तक शिलापट्टिका नहीं देखी है।
पूर्व में भी नाम हटाने का लग चुका है आरोप
कांग्रेस विधायक ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह भी याद दिलाया कि इससे पहले स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान भी शिलापट्टिका पर उनका नाम नहीं छापा गया था, जिसे बाद में सुधारना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि केवल वर्तमान विधायक ही नहीं, बल्कि पूर्व भाजपा सांसद केपी यादव का नाम भी कई आयोजनों की शिलापट्टिकाओं और बैनर-पोस्टरों से गायब किया जाता रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव ने अधिकारियों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिलापट्टिकाओं पर नाम लिखवाने की राजनीति से ज्यादा जरूरी क्षेत्र के किसानों की वास्तविक समस्याएं हैं। उन्होंने अशोकनगर जिले में किसानों के सामने आ रही खाद और बिजली की भारी किल्लत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!