सड़क निर्माण एजेंसी की लापरवाही
अशोकनगर जिले के बंगलाचौराहा से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल करीला धाम को जोड़ने वाला दस किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों बदहाली के आंसू रो रहा है। बारिश का मौसम बीत जाने के बावजूद इस सड़क के दोनों किनारों की सफाई कराने की सुधि नहीं ली गई है। सड़क निर्माण का जिम्मा संभालने वाले ठेकेदार की सुस्ती के चलते मार्ग के किनारे बड़ी मात्रा में कांटेदार और अन्य प्रजाति के पौधे उग आए हैं।
इकोदिया गांव के पास गंभीर स्थिति
इस मार्ग पर सबसे खतरनाक हालात इकोदिया गांव के पास कोंचा नदी पुल के इर्द-गिर्द बने हुए हैं। पुल के दोनों तरफ उगी झाड़ियों और पौधों ने अब एक घने जंगल का रूप धारण कर लिया है। स्थिति यह है कि यहां बने अंधे मोड़ के पास बड़े-बड़े पेड़ों के कारण सामने से आने वाले वाहन बिल्कुल दिखाई नहीं देते, जिससे हर वक्त किसी बड़े सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है।
सड़क के किनारों तक फैली इन कंटीली झाड़ियों की वजह से गाड़ियों को साइड देने में चालकों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार वाहन चालकों को अचानक मोर्चों पर आकर ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा का सवाल
गौरतलब है कि करीला धाम मां जानकी का पवित्र स्थान और महर्षि वाल्मीकि की ऐतिहासिक तपोभूमि है, जहां माता सीता ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे। इस पावन स्थल के प्रति देश भर के श्रद्धालुओं के मन में गहरी और अटूट आस्था है।
इसी धार्मिक महत्व के कारण हर दिन सैकड़ों और पूर्णिमा के विशेष अवसरों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु छोटे-बड़े वाहनों से इसी रास्ते से होकर करीला धाम पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रमुख आस्था मार्ग की झाड़ियों की जल्द से जल्द कटाई कराई जाए ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!