अशोकनगर जिले में मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। बिजली और सड़क जैसी बुनियादी मांगों को लेकर स्थानीय आदिवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया।
छोटे बच्चों के साथ हाईवे पर बैठीं महिलाएं
यह पूरा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग 346ए पर स्थित अशोकनगर-विदिशा मार्ग के अतरेजी गांव का है। यहां महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ सड़क के बीचों-बीच बैठ गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय सरपंच और बिजली विभाग पर भारी उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लंबे समय से बिजली न मिलने और सड़क खराब होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डेढ़ घंटे तक लगा रहा वाहनों का जाम
अचानक हुए इस चक्का जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही बहादुरपुर पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
बंगलाचौराहा चौकी प्रभारी रामदयाल नंदा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी महिलाओं और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जब तक बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक जाम नहीं खुलेगा।
अधिकारियों के आश्वासन पर खुला रास्ता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिजली कंपनी के जेई बाबू मंडेलिया को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कराने का पक्का भरोसा दिया।
बिजली अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात को सुचारू कराया और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!