करीला धाम के नामकरण और ट्रस्ट में भागीदारी को लेकर बनी सहमति

अशोकनगर जिले में दीना भाना बहुजन संगठन के बैनर तले एक महत्वपूर्ण वैचारिक सभा का आयोजन संपन्न हुआ। इस बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे समाजशास्त्री, संगठन के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभा के दौरान इस वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती को बाल्मीक धाम करीला में बेहद भव्य और गरिमामय तरीके से मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

विस्तृत चर्चा के बाद समाज के हित में तीन मुख्य प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। प्रथम प्रस्ताव के तहत करीला धाम को आधिकारिक तौर पर 'महर्षि वाल्मीकि धाम' नाम से रजिस्टर्ड कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही करीला ट्रस्ट के भीतर बाल्मीक समाज की यथोचित भागीदारी सुनिश्चित करने और आगामी जयंती समारोह में समाज के लोगों की अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज कराने पर भी जोर दिया गया।

नवनियुक्त पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी, ली गई संविधान की शपथ

बैठक के अगले चरण में संगठन के नए पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। सभी नवचयनित पदाधिकारियों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कराया गया। इस दौरान उन्हें पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाने का संकल्प भी दिलाया गया।

कार्यक्रम के अंत में आगामी जयंती पर्व की तैयारियों को अमलीजामा पहनाने और संगठन के विस्तार को लेकर आगामी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। इस वैचारिक आयोजन में करीला मंदिर के महाराज जी के साथ-साथ संगठन के संस्थापक मान्यवर दीना भाना, प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश नहरिया, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सपना नहरिया, जिलाध्यक्ष संजय उटवालिया और देवेंद्र घांवरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।