अशोकनगर जिले के शासकीय नेहरू पीजी महाविद्यालय में मंगलवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने महाविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिसर में शिक्षा के माहौल को दरकिनार कर एक विशेष छात्र संगठन को अनुचित संरक्षण दिया जा रहा है।
खेल अधिकारी के कक्ष के दुरुपयोग का आरोप
एनएसयूआई की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, शासकीय नेहरू पीजी कॉलेज के खेल अधिकारी के कक्ष का इस्तेमाल कॉलेज के खेल कार्यों के बजाय एक विशिष्ट छात्र संगठन के कार्यालय के रूप में किया जा रहा है। इसे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बताते हुए संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है।
लॉ कॉलेज में प्रैक्टिकल और सदस्यता को लेकर दबाव
विरोध प्रदर्शन के दौरान लॉ कॉलेज के छात्रों से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का आरोप है कि लॉ कॉलेज प्रभारी द्वारा छात्रों को एक खास छात्र संगठन की सदस्यता लेने के लिए विवश किया जा रहा है। विरोध करने या सदस्यता न लेने वाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल और परीक्षाओं में नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं।
राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन
इन तमाम मामलों को लेकर एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि दोनों महाविद्यालयों में चल रही इन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लॉ कॉलेज प्रभारी को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
परिसर में बाहरी तत्वों की एंट्री पर रोक की मांग
छात्र संगठन ने महाविद्यालय परिसरों में लगातार बढ़ रहे बाहरी लोगों के दखल पर गहरी चिंता जताई। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि शिक्षण संस्थानों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए और शैक्षणिक माहौल को राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त रखा जाए।
ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक हरिबाबू राय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी समेत कई प्रमुख नेता एवं छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!