अशोकनगर जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाने की पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और कूटरचित हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर जमीन का नामांतरण कराने के आरोप में दो भाइयों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
सरिता अरोड़ा की शिकायत पर हुई शुरुआती जांच
यह पूरी कार्रवाई सरिता अरोड़ा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की, जिसमें यह बात साफ हुई कि नामांतरण प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके अपनाए गए थे।
हस्तलिपि परीक्षण में खुला फर्जीवाड़े का राज
जांच के दौरान पुलिस ने विवादित दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों का मिलान कराया। इसके लिए कागजातों को भोपाल स्थित क्यूडी शाखा भेजा गया था, जहां से हस्तलिपि परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सामने आया कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर और नमूना हस्ताक्षर में जमीन-आसमान का अंतर है और वे पूरी तरह फर्जी हैं।
जांच रिपोर्ट में यह भी पुख्ता हुआ कि आरोपियों ने जमीन के नामांतरण के लिए फर्जी शपथ पत्र तैयार किया था। साथ ही, इसमें शिकायतकर्ता और परिवार के अन्य सदस्यों के नामों व जाली हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया गया था ताकि प्रशासन को धोखे में रखा जा सके।
इन धाराओं के तहत की गई कार्रवाई
हस्तलिपि जांच रिपोर्ट और पुख्ता सबूत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रेम कुमार अरोड़ा और सतीश कुमार अरोड़ा के खिलाफ शिकंजा कसा है। दोनों भाइयों के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने से जुड़ी गंभीर धाराओं (420, 467, 468 और 471) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस धोखाधड़ी में संलिप्त अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!