दो दिन से ब्लड के लिए भटक रहे थे परिजन

अशोकनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बंदी में एक मरीज को गंभीर स्थिति में खून की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा था। इंद्रपाल यादव पुत्र जगभान यादव को इलाज के दौरान तुरंत ब्लड की आवश्यकता थी, जिसके लिए उनके परिजन पिछले दो दिनों से लगातार प्रयास कर रहे थे।

खून की कमी पूरी करने के लिए परिजनों ने कई लोगों से संपर्क साधा और ब्लड बैंक के भी चक्कर काटे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई भी डोनर सामने नहीं आया, तो परिवार की चिंता और अधिक बढ़ गई।

संकट के समय आगे आए रितिक यादव

जब परिजनों की हर तरफ से उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब उनकी मुलाकात रितिक यादव से हुई। उन्होंने मरीज की गंभीर स्थिति को पूरी गंभीरता से समझा और बिना किसी संकोच के रक्तदान करने का निर्णय लिया।

रितिक यादव ने अपने जीवन में पहली बार रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया और जरूरतमंद मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

रितिक के इस साहसिक और मानवीय कदम की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने उनकी जमकर सराहना की। इस संकट की घड़ी में मिली मदद से परिवार ने राहत की सांस ली है।