दशलक्षण पर्व पर सांस्कृतिक आयोजनों की धूम

जैन धर्म के पवित्र पर्व दशलक्षण के पावन दिनों में अशोकनगर जिले के मुंगावली कस्बे में विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार की रात स्थानीय संत निवास परिसर में चंद्रप्रभु पाठशाला परिवार की तरफ से एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।

बच्चों के मंगलाचरण से हुआ कार्यक्रम का आगाज

इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक मंगलाचरण 'हम जैन...' भजन से की गई। बच्चों की इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी दर्शकों का मन मोह लिया और पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।

मंच पर सजीव हुआ आर्यिका पूर्णमती माताजी का जीवन चरित्र

मंगलाचरण के पश्चात मुख्य आकर्षण के रूप में नाटक 'गुरु गौरव गाथा' का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से आर्यिका पूर्णमती माताजी के प्रेरणादायी जीवन चरित्र को बहुत ही सुंदरता के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया।

नाटक में दर्शाया गया कि किस तरह मात्र छह वर्ष की छोटी सी आयु में ही उनका मन सांसारिक मोह-माया से विरक्त होकर मोक्ष मार्ग की ओर मुड़ गया था। उनके जीवन के इन संघर्षपूर्ण और आध्यात्मिक पलों को देखकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

प्रस्तुति के दौरान उनके कठिन संयम पथ पर आगे बढ़ने और संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षा प्राप्त करने के प्रसंगों को बेहद जीवंत रूप में दिखाया गया, जिसे देखकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।