मोहरी रोड स्टेडियम में हुआ पुतला दहन
अशोकनगर के मोहरी रोड स्टेडियम में मंगलवार की रात लगभग 8 बजे बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। मुख्य रावण दहन से पहले आयोजनों की श्रृंखला में कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को भी आग के हवाले किया गया।
शानदार आतिशबाजी और सुरक्षा के इंतजाम
कार्यक्रम स्थल पर रावण दहन से पूर्व भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसकी रंग-बिरंगी रोशनी ने दर्शकों का मन मोह लिया। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कार्यक्रम स्थल पर भीड़भाड़ कुछ कम जरूर रही, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल हर प्रमुख पॉइंट पर पूरी मुस्तैदी से तैनात दिखाई दिया।
श्रीराम के तीर से धूं-धूं कर जला रावण
जैसे ही भगवान श्रीराम के रूप में कलाकार ने अग्नि बाण चलाया, 55 फीट ऊंचा रावण का पुतला धूं-धूं कर जल उठा। इससे पहले हवा या अन्य कारणों से रावण का पुतला एक बार झुककर नीचे गिर गया था, जिसे सावधानी के तौर पर स्टेडियम में मौजूद खंभों से रस्सी के सहारे बांधना पड़ा था।
पुतला दहन के साथ ही पूरा स्टेडियम 'जय श्रीराम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
इससे पहले रामलीला के सभी कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में जुलूस की शक्ल में दशहरा मैदान पहुंचे। मैदान पर पहुंचते ही श्रीराम और रावण की सेनाओं के बीच प्रतीकात्मक युद्ध का मंचन हुआ। युद्ध के उपरांत मुख्य अतिथियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जिसके बाद रावण वध और दहन की प्रक्रिया पूरी की गई।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!