अशोकनगर शहर की नवीन कृषि उपज मंडी परिसर स्थित स्टेडियम में मंगलवार की शाम विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के इस पावन पर्व पर शहरवासियों की भारी भीड़ स्टेडियम में एकत्र हुई।
विशाल पुतलों का हुआ निर्माण और दहन
इस भव्य दशहरा उत्सव के लिए मैदान में कुल तीन विशाल पुतले खड़े किए गए थे। इनमें 53 फीट ऊंचा रावण, 31 फीट का कुंभकरण और 20 फीट ऊंचा मेघनाथ का पुतला शामिल था। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत शाम 6 बजे राम दरबार की आरती के साथ संपन्न हुई, जिसके पश्चात उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जनता को संबोधित किया।
वक्ताओं ने विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से सभी बुराइयों को समाप्त करने और सच्चाई के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले गणमान्य नागरिकों को सम्मानित भी किया गया।
दो घंटे तक चली भव्य आतिशबाजी
आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्टेडियम परिसर को तीन अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया था। प्रथम हिस्से में आतिशबाजी का क्षेत्र रखा गया था, दूसरे भाग में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले स्थापित किए गए थे, तथा तीसरे भाग में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
पुतला दहन से पूर्व मैदान में लगभग दो घंटे तक लगातार आतिशबाजी का दौर चलता रहा, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। इसके बाद भगवान राम के बाण से तीनों पुतलों का दहन किया गया, जिससे वे धूं-धूं कर जल उठे और कुछ ही पलों में राख हो गए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!