अशोकनगर जिले में पटवारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विरोध और मांगों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को स्थानीय पटवारी संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कलेक्टर विकास आनंद कुमार को जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें संवर्ग की पदोन्नति से जुड़ी बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया गया।
पदोन्नति में 50 वर्ष की आयु सीमा हटाने की पुरजोर मांग
ज्ञापन के माध्यम से पटवारी संघ ने मुख्य रूप से पदोन्नति नियमों में लागू 50 साल की आयु सीमा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्व विभाग की ओर से प्रदेशभर के पटवारियों की जन्मतिथि और उनकी कुल सेवा अवधि का रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है।
ऐसी स्थिति में लंबे समय से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ कर्मचारियों को महज 50 वर्ष की आयु सीमा पूरी होने के कारण पदोन्नति के लाभ से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।
वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर मिले अवसर
संघ ने अपनी मांग में स्पष्ट किया है कि पटवारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी तरह से उनकी वरिष्ठता, पात्रता और तय नियमों के दायरे में होनी चाहिए। संघ की यह भी मांग है कि विभाग द्वारा प्रदेशभर से एकत्रित की गई जानकारी के आधार पर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक पात्र पटवारी को उनकी सेवानिवृत्ति तक पदोन्नति प्राप्त करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, जिससे कार्य के प्रति उनका उत्साह बना रहे।
समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवारी संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन जायज मांगों का निराकरण शीघ्र नहीं किया गया, तो वे मजबूरन लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!