इंदौर के शिविर में छह हजार से अधिक श्रावक हुए थे शामिल
दशलक्षण पर्व के दौरान इंदौर नगरी में 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर का भव्य आयोजन किया गया था। यह दसों दिन का धार्मिक अनुशासन आचार्य गुरुवर विद्या सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण पूज्य सुधासागर जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।
इस बड़े आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी छह हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं सम्मिलित हुए थे। सभी प्रतिभागियों ने कठिन साधना करते हुए जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक क्रियाओं और संस्कारों का गहन अभ्यास किया।
शाढ़ौरा के नयन जैन ने परीक्षा में हासिल किया उत्कृष्ट स्थान
उक्त शिविर के समापन पर गुरुदेव द्वारा दी गई शिक्षा और संस्कारों पर आधारित एक विशेष परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस कड़ी परीक्षा में शाढ़ौरा निवासी नयन जैन (गोलू) ने अपनी बौद्धिक प्रतिभा का परिचय देते हुए पूरे शिविर के टॉप-5 प्रतिभागियों में अपना नाम दर्ज कराया।
नयन जैन ने परीक्षा के दौरान अपने 'विद्या सागर ग्रुप' में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस उल्लेखनीय सफलता के बाद इंदौर में ही उनका प्रारंभिक सम्मान किया गया, जिससे पूरे अशोकनगर जिले के जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई।
स्थानीय जैन समाज ने भव्य समारोह आयोजित कर किया स्वागत
अपनी इस गौरवशाली उपलब्धि के साथ जब नयन जैन शाढ़ौरा लौटे, तो स्थानीय समाज ने उनका जोरदार स्वागत किया। सोमवार को यहां चातुर्मास कर रहे पूज्य मुनिवर निरापद सागर महाराज के सानिध्य में एक विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष भरत जैन एवं प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों ने नयन जैन को मंगल तिलक लगाकर और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान शाढ़ौरा से शिविर में भाग लेने वाले अन्य नौ शिविरार्थियों के साथ-साथ नयन के माता-पिता व परिजनों का भी उत्साहवर्धन किया गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!