अशोकनगर जिले की नवीन कृषि उपज मंडी में किसानों और व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला मक्का की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जहां एक व्यापारी को करीब 45 हजार रुपए का चूना लगाने का प्रयास किया गया।
नीलामी और तौल के बाद गायब कर दिया गया माल
वैभव इंटरप्राइजेज के संचालक वैभव जैन ने इस संबंध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मंडी में एक पिकअप वाहन के जरिए मक्का लाया गया था जिसकी नियमानुसार नीलामी भी कराई गई थी।
वाहन को धर्म कांटे पर तौल कराने के बाद भी मक्का को व्यापारी की फर्म के फड़ पर नहीं उतारा गया, बल्कि उसे किसी अन्य स्थान पर खाली करवा लिया गया। व्यापारी को अंदेशा है कि इसके पीछे मंडी परिसर में सक्रिय किसी बड़े धोखाधड़ी गिरोह का हाथ हो सकता है।
23 क्विंटल मक्का का तैयार किया गया था फर्जी मसरफ
घटनाक्रम के अनुसार 22 अक्टूबर को राकेश साहू नामक व्यक्ति का पिकअप वाहन मंडी में दाखिल हुआ था। वैभव इंटरप्राइजेज की फर्म के नाम पर विनीत रजक के 23 क्विंटल मक्का का मसरफ तैयार किया गया था।
दस्तावेजों में मक्का का भाव 1,960 रुपए प्रति क्विंटल दर्शाते हुए कुल कीमत 45,080 रुपए दर्ज की गई। इसके बाद जब विनीत रजक दलाल नीरज जैन के साथ अपना भुगतान लेने पहुंचा, तब व्यापारी को पूरे मामले पर शक हुआ।
मुनीमों की कार्यप्रणाली और सीसीटीवी फुटेज पर संदेह
शंका होने पर जब फर्म संचालक ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सच्चाई सामने आई। फुटेज से स्पष्ट हुआ कि मक्का उनकी फर्म के फड़ तक पहुंचा ही नहीं था, इसके बावजूद भुगतान के लिए पर्ची और मसरफ तैयार कर दिए गए थे।
व्यापारी वैभव जैन ने अपनी ही फर्म के मुनीमों विशाल पाल, शिवकुमार शर्मा और अनिकेत यादव की कार्यशैली पर संदेह जताया है। उनका मानना है कि इस गड़बड़ी में अंदरूनी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। इस सिलसिले में स्थानीय देहात थाने में भी आवेदन दिया जा चुका है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी के सीसीटीवी फुटेज, तौल कांटे की पर्चियां और वाहन प्रवेश के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही पिछले कुछ महीनों की संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच कर डिजिटल मिलान की व्यवस्था लागू की जाए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!