ईसागढ़ नगर में जैन समाज द्वारा श्री मज्जिनेंद्र देव विमान महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन में ईसागढ़ के अलावा आसपास के विभिन्न शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नगर की पुरानी धार्मिक परंपराओं के बीच आयोजित इस उत्सव को लेकर समाज में भारी उत्साह देखने को मिला।

425 वर्ष प्राचीन मंदिर से आरंभ हुआ चल समारोह

विमानोत्सव का भव्य चल समारोह करीब 425 साल पुराने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू हुआ। इस ऐतिहासिक मंदिर में लगभग 689 वर्ष पुरानी अतिशयकारी मूलनायक प्रतिमा के साथ अन्य प्राचीन जिनबिंब भी विराजमान हैं। शोभायात्रा में श्रीजी को रजत विमान में आसीन कर पूरे नगर का भ्रमण कराया गया।

नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने श्रीजी को श्रीफल भेंट किया और आरती उतारकर स्वागत किया। शोभायात्रा में पुरुष और महिलाएं धार्मिक भजनों पर झूमते हुए चल रहे थे। यह चल समारोह मुख्य मार्गों से होता हुआ चुंगी नाका चौराहा स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु जैन मंदिर पहुंचा, जहां भव्य महाआरती और भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ।

तपस्वियों का सम्मान और जिया गया सुरुचि भोज

उत्सव के दौरान दस उपवास करने वाले तपस्वियों आदि जैन, युग जैन, चीनू जैन और विकास जैन को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान वीरेंद्र कुमार और प्रवीण कुमार बड़कुल की तरफ से दिया गया। इसके अलावा बाहर से आए मेहमानों और स्थानीय समाजजनों के लिए सुरुचि भोज का आयोजन सिलपटी परिवार द्वारा किया गया।

प्राचीन जैन बगिया में हुए धार्मिक अनुष्ठान

नगर भ्रमण के पश्चात विमान प्राचीन जैन बगिया पहुंचा, जहां मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी का जलाभिषेक और शांतिधारा संपन्न कराई गई। इस दौरान विभिन्न धार्मिक इंद्र बनने का सौभाग्य और शांतिधारा करने का पुण्य लाभ कई श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।