प्रशासनिक चर्चा के बाद हड़ताल में पड़ी फूट

मुंगावली में नगर परिषद के सफाई संरक्षकों द्वारा मंगलवार से शुरू की गई हड़ताल शनिवार को दो गुटों में बंट गई। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद हड़ताल पर अड़े कर्मचारियों में से 38 लोग वापस अपने काम पर लौट आए और उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था संभाल ली। हालांकि, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में बाकी कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर डटे हुए हैं।

त्योहारों के सीजन में बिगड़ी सफाई व्यवस्था

नवदुर्गा उत्सव और आगामी दीपावली के त्योहार को देखते हुए शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय था। स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम बृजबिहारी श्रीवास्तव, सीएमओ विनय कुमार भट्ट, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेश ग्वाल और उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष मोदी ने कर्मचारियों के साथ तीन दौर की बैठकें कीं। त्योहारी सीजन के चलते शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे और मां दुर्गा के पूजा पंडालों के आसपास भी गंदगी फैल गई थी।

सीएमओ विनय कुमार भट्ट ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत काम पर वापस लौटें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मांगों पर बनी सहमति और नेताओं के पक्ष

अधिकारियों ने शनिवार को कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए बताया कि उनका दो महीने का रुका हुआ वेतन तुरंत जारी किया जाएगा। इसके अलावा एमपीएफ और जीपीएफ की राशि जमा करने का निर्णय भी लिया गया। कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले में शासन का आदेश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद 38 कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।

दूसरी ओर, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मवीर पंवार ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों के खातिर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी काम पर लौटे हैं, वे किस दबाव में गए हैं यह वही जानते हैं, और जब तक शासन-प्रशासन उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।