अशोकनगर में शनिवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान ओबीसी महासभा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को अब राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण पर 14 प्रतिशत की सीमा बरकरार रखने के बाद संगठन ने प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक चरणबद्ध आंदोलन करने की रणनीति तैयार की है।

जनगणना में ओबीसी के लिए हो अलग कॉलम

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बृजेंद्र सिंह यादव ने देश में आगामी जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने कहा कि जनगणना फॉर्म में ओबीसी वर्ग के लिए एक अलग से कॉलम जोड़ा जाना अनिवार्य किया जाए ताकि समाज की सही और वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े देश के सामने आ सकें।

महासभा का तर्क है कि सही जनसंख्या के आंकड़े मिलने के बाद ही समाज के हर वर्ग को उसकी आबादी के अनुपात में वास्तविक अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। संगठन का मानना है कि इसके बिना सामाजिक न्याय की परिकल्पना अधूरी है।

कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करने की वकालत

आरक्षण और जनगणना के अलावा महासभा ने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। संगठन ने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए वर्तमान में लागू कॉलेजियम व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायपालिका में जजों की चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। इसके साथ ही देश के सभी सामाजिक वर्गों को न्यायपालिका के भीतर भी उचित और समान प्रतिनिधित्व मिल सके, ऐसी समावेशी व्यवस्था स्थापित की जानी चाहिए।

हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व के लिए गोलबंद होंगे लोग

महासभा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष केवल सरकारी नौकरियों में आरक्षण तक सीमित नहीं है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासनिक महकमों और न्यायपालिका जैसे तमाम प्रमुख क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से हिस्सेदारी दिलाई जाएगी।

इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रदेश भर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग को एक साझा मंच पर लाने का आह्वान किया गया है।

प्रेसवार्ता में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बृजेंद्र सिंह यादव के साथ राष्ट्रीय सचिव नारायण प्रजापति, जिला अध्यक्ष बलराम सिंह गुर्जर और प्रदेश विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष वीर सिंह यादव मौजूद रहे। इनके अलावा अंकित यादव, प्रदेश कार्यालय प्रभारी कामदेव कुशवाह, भारत सिंह कुशवाह और हरिशंकर प्रजापति समेत कई अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी उपस्थित थे।