ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
अशोकनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रसोई गैस सिलेंडरों की रिफिल बुकिंग प्रक्रिया में संशोधन कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए भी दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच का समय घटाकर 25 दिन तय कर दिया गया है।
पहले लागू थी 45 दिन की लंबी अवधि
बता दें कि इससे पहले ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को दूसरा सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था। मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है और नए प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने और बैकलॉग के मामलों में उल्लेखनीय कमी आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण बदली थी व्यवस्था
बीते मार्च माह के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच उपजे युद्ध के हालातों के चलते वैश्विक स्तर पर एलपीजी गैस का बड़ा संकट खड़ा हो गया था। उसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने छह महीने पहले ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस रिफिलिंग का समय बढ़ाकर 45 दिन कर दिया था। हालांकि, उस दौरान भी शहरी क्षेत्रों में बुकिंग का अंतराल 25 दिन ही रखा गया था।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नियम अब एक समान
अब ताजा संशोधनों के बाद सरकार ने शहरी और ग्रामीण दोनों श्रेणियों के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए समानता लाते हुए बुकिंग का अंतराल 25 दिन निर्धारित कर दिया है। इस बदलाव से ग्रामीण अंचल के परिवारों को अपनी जरूरत के अनुसार गैस रिफिल कराने में सहूलियत मिलेगी।
नए घरेलू कनेक्शनों को लेकर जल्द आ सकती है खुशखबरी
ऊर्जा क्षेत्र में आए उस संकट के दौर में मार्च 2026 के दौरान सरकार ने नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। हालांकि वाणिज्यिक यानी कमर्शियल कनेक्शन देने की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है, लेकिन घरेलू श्रेणी के नए कनेक्शन अभी भी बंद चल रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दीपावली के आसपास या उसके बाद घरेलू गैस के नए कनेक्शन मिलने की शुरुआत हो सकती है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!