बीना रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद पटरियों और प्लेटफार्मों की उपलब्धता सीमित होने के कारण रेल प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया है। इसका असर अशोकनगर सहित पूरे गुना-बीना रेल खंड के यात्रियों पर पड़ेगा, क्योंकि 17 से 25 अक्टूबर के बीच कई महत्वपूर्ण गाड़ियां अपने तय मार्ग या समय पर नहीं चल सकेंगी।

भोपाल-जोधपुर और तिरुचिरापल्ली एक्सप्रेस का बदला मार्ग

यातायात नियंत्रण के तहत भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस (14814 और 14813) को 17, 18 और 19 अक्टूबर को बीना-अशोकनगर की जगह भोपाल, संत हिरदाराम नगर, मक्सी और रूठियाई के रास्ते निकाला गया। इसके अलावा, तिरुचिरापल्ली-भगत की कोठी एक्सप्रेस (20482) भी 17 अक्टूबर को भोपाल, मक्सी, नागदा, कोटा और सवाई माधोपुर के वैकल्पिक मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना हुई।

वहीं, साबरमती, मुजफ्फरपुर और ओखा एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की गाड़ियां बीना स्टेशन जाने के बजाय सीधे महादेवखेड़ी-मालखेड़ी और आगासोद फ्लाईओवर बायपास के माध्यम से अपने सफर पर आगे बढ़ेंगी।

मेमू ट्रेनों का संचालन रहेगा पूरी तरह बंद

यात्रियों की परेशानी बढ़ाने वाली खबर यह है कि बीना-रूठियाई मेमू (61611/61625) और रूठियाई-बीना मेमू (61612/61626) को 17 से 25 अक्टूबर तक के लिए पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। इन दोनों जोड़ी ट्रेनों के पहिए थमने से स्थानीय दैनिक यात्रियों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई गाड़ियों के बदले गए शुरुआती और अंतिम स्टेशन

ब्लॉक अवधि के दौरान कुछ ट्रेनों के रूट छोटे किए गए हैं। कोटा-बीना मेमू (61633) 17 से 25 अक्टूबर तक बीना तक आने के बजाय मुंगावली स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। इसी तरह, वापसी में बीना-कोटा मेमू (11604) 18 से 26 अक्टूबर के बीच बीना के स्थान पर मुंगावली से ही कोटा के लिए चलाई जाएगी।

इसके अलावा कोटा-बीना मेमू (11603) और बीना-कोटा मेमू (61634) का ठहराव व संचालन 17 से 25 अक्टूबर तक बीना की जगह महादेवखेड़ी स्टेशन तक ही सीमित रहेगा। वहीं, बीना-कटनी मुड़वारा मेमू (61619/61620) भी 18 से 26 अक्टूबर के बीच बीना के बजाय महादेवखेड़ी से ही संचालित होगी।