अशोकनगर जिले के महोली गांव में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को हटाए जाने को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। लोधा-लोधी महासभा और अन्य स्थानीय समाजों के बैनर तले लोग पिछले 24 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हुए हैं। बुधवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन गुरुवार को भी लगातार जारी है।

बारिश के बीच रातभर डटे रहे प्रदर्शनकारी

खराब मौसम और रिमझिम बारिश के बावजूद ग्रामीण और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर रातभर धरनास्थल पर जमे रहे। रात के समय भी मौके पर एक सैकड़ा से अधिक लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार तैनात है, जबकि महासभा के प्रतिनिधियों ने आंदोलन आगे भी जारी रखने का ऐलान किया है।

बिना अनुमति स्थापित की गई थी प्रतिमा

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, महोली गांव के चौराहे पर 10 अगस्त की रात यह प्रतिमा बिना किसी आधिकारिक अनुमति के स्थापित की गई थी। आगामी 11 अगस्त की सुबह इसकी सूचना मिलने पर तहसीलदार ने नोटिस जारी किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक दलों ने मौके पर पहुंचकर अनुमति के अभाव में प्रतिमा को हटवा दिया था।

कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार सुबह से मोर्चा खोल दिया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब दोपहर करीब ढाई बजे 10 प्रदर्शनकारी लगभग 180 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए। मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर डीएन सिंह, एसडीएम मनीष धनगर और अन्य अधिकारियों की समझाइश के बाद शाम करीब छह बजे सभी लोग टावर से नीचे उतरे और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।

अधिकारियों पर कार्रवाई और मूल स्थान पर स्थापना की मांग

आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि प्रतिमा को किसी अन्य स्थान पर लगाने का प्रशासनिक प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है। वे चाहते हैं कि उसी मूल स्थान पर वीरांगना की प्रतिमा दोबारा स्थापित की जाए। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने ईसागढ़ थाना प्रभारी मीना रघुवंशी और चंदेरी नायब तहसीलदार दिलिप दरोगा को हटाने की भी मांग उठाई है।

माहौल गरमाने के बाद चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी भी धरनास्थल पर पहुंचे और लोगों की बात सुनी। विधायक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है।