अशोकनगर जिले में आगामी तीन दिनों तक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के मद्देनजर बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। लगातार तीन दिन तक बैंक बंद रहने से जिले में 150 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है।
लगभग 10 साल बाद रविवार को खुलीं बैंक शाखाएं
हड़ताल शुरू होने से ठीक पहले रविवार को जिलेभर की बैंक शाखाएं खोली गईं। ग्राहकों ने इस विशेष अवसर का लाभ उठाते हुए नकद जमा और निकासी के अलावा चेक क्लीयरेंस और पासबुक अपडेट कराने जैसे जरूरी काम निपटाए। शहर में प्रतिदिन बैंकों के माध्यम से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का नकद लेनदेन होता है।
अशोकनगर जिले में सरकारी, निजी, ग्रामीण और सहकारी बैंकों सहित कुल 25 बैंकिंग संस्थानों की लगभग 100 शाखाएं संचालित होती हैं। रविवार को इन सभी शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ। ऐसा नजारा लगभग 10 साल बाद देखने को मिला है, इससे पहले 13 नवंबर 2016 को नोटबंदी के दौरान रविवार के दिन बैंक खोले गए थे।
डिजिटल और एटीएम सेवाएं रहेंगी चालू
तय कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल रहेगी। इसके बाद सीधे 1 अक्टूबर को बैंक खुलेंगे। हड़ताल के दौरान शाखाओं में होने वाले कार्य भले ही प्रभावित हों, लेकिन ग्राहकों के लिए यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, आईएमपीएस और आरटीजीएस जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है। साथ ही एटीएम के जरिए नकदी निकासी भी सुचारू रूप से जारी रहेगी।
5 दिनी बैंकिंग व्यवस्था की मांग अब भी लंबित
बैंक कर्मचारी संगठन वेतन, भत्तों और पांच दिनी बैंकिंग प्रणाली लागू करने जैसी विभिन्न नीतिगत मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। बैंक यूनियनों कातर्क है कि पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था को लेकर पिछले साल 8 मार्च 2024 को सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी न होने के कारण यह मांग लंबित बनी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!