अशोकनगर जिले में पुलिस ने अभिषेक कुशवाह हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी और 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश कल्लू कुशवाहा को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी चंदेरी के जंगलों में छिपा हुआ था, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पुरानी रंजिश के चलते हुई थी हत्या

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गत 1 अगस्त को कोतवाली थाने में अभिषेक कुशवाहा की हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि पुरानी रंजिश के कारण आरोपियों ने फरसा, बका और डंडों से हमला कर अभिषेक की जान ले ली थी। इस घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से दूर था।

अन्य आरोपी पहले ही चढ़ चुके हैं हत्थे

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही तीन अन्य आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था। मुख्य आरोपी कल्लू कुशवाहा की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने उसकी सूचना देने या पकड़ने वाले के लिए 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।

हाल ही में पुलिस को पुख्ता सूचना और तकनीकी सर्विलांस के जरिए जानकारी मिली कि इनामी बदमाश चंदेरी के जंगलों में शरण लिए हुए है। इस इनपुट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने तुरंत जंगल में सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी शुरू कर दी।

भागने की कोशिश में घायल हुआ बदमाश

पुलिस बल को अपने करीब देखकर आरोपी कल्लू वहां से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिसकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसका पीछा किया और दबोच लिया। भागने के दौरान गिरने के कारण उसके दाहिने हाथ और पैर में चोटें आई हैं।

पुलिस के खुलासे के मुताबिक कल्लू कुशवाहा कोतवाली थाने का एक खूंखार हिस्ट्रीशीटर है। उसके ऊपर हत्या, चोरी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के लगभग 40 मामले दर्ज हैं। पुलिस की लगातार दबिश और तकनीकी सर्विलांस टीम के सहयोग से आखिरकार यह शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई, जिसमें कोतवाली पुलिस के साथ साइबर सेल की तकनीकी टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर रही है।