शिवपुरी जिले में नाबालिग से जुड़े एक प्रकरण में सुर्खियों में आए अकरम शाह के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, उनके कथित अतिक्रमण वाले मकान को हटाने की प्रक्रिया के बीच, उनकी पत्नी निशा बानो ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है। उन्होंने एक आवेदन सौंपकर मकान न तोड़ने की अपील की है।
निशा बानो ने अपने आवेदन में बताया कि वह पिछले लगभग छह महीनों से अपने पति अकरम शाह से अलग रह रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से मानवीय आधार पर कार्रवाई रोकने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह अपनी तीन छोटी बेटियों के साथ इसी मकान में निवास करती हैं। उनके अनुसार, पति न तो उनका भरण-पोषण करते हैं और न ही कोई आर्थिक सहायता देते हैं। यदि यह मकान तोड़ दिया गया, तो उनके और उनकी बेटियों के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं बचेगा।
अकरम शाह क्यों आए सुर्खियों में?
अकरम शाह का नाम तब चर्चा में आया था, जब उनकी पत्नी और नाबालिग लड़की की मां ने उन्हें शिवपुरी की एक लॉज से पकड़ा था। इस घटना के दौरान उनकी पिटाई भी हुई थी, जिसके बाद यह मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरे जिले में बहस का विषय बन गया।
निशा बानो ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि उनका पति के किसी भी कथित अपराध या गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पहले भी अपने पति के खिलाफ अन्य महिलाओं से संबंध रखने की शिकायतें की थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई और जिला बदर की प्रक्रिया
राजस्व विभाग ने अकरम शाह के खिलाफ मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा-248 के तहत ग्राम सतनवाड़ा कलां में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में बेदखली, जुर्माना और नियमानुसार अन्य कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
सतनवाड़ा तहसीलदार कल्पना शर्मा ने जानकारी दी कि अकरम शाह ने 7 जुलाई को न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है। उनके जवाब और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके साथ ही, प्रशासन ने अकरम शाह के खिलाफ जिला बदर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसकी फाइल प्रक्रियाधीन है और नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!