शिवपुरी जिले में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन की ओर से एक विशेष मांग पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन 'मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस घोषित हो' राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ। शहर के पोलो ग्राउंड स्थित मां जानकी लवकुश पार्क से इस पदयात्रा का शुभारंभ किया गया।

सीता नवमी को प्राकट्योत्सव दिवस घोषित करने की मांग

संगठन के पदाधिकारियों ने इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मध्य प्रदेश में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी यानी सीता नवमी को आधिकारिक तौर पर 'मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस' घोषित किया जाए। संगठन का कहना है कि माता सीता देश की नारी शक्ति, त्याग और संस्कारों की सर्वोच्च प्रेरणा हैं, इसलिए उनके प्राकट्योत्सव को प्रदेश स्तर पर मनाया जाना चाहिए।

शिवपुरी से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी अभियान

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने जानकारी दी कि इस अभियान की शुरुआत इसी साल 6 जून को शिवपुरी से ही की गई थी। अभियान के शुरुआती चरण के तहत शासन के सचिवालय को लगभग 10 हजार मांग पत्र भेजे जा चुके हैं, जिन्हें ई-मेल के जरिए भी प्रेषित किया गया है। अब विभिन्न जिलों में पदयात्राएं निकालकर जिला कलेक्टर्स के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।

रावत ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश से इस अभियान की शुरुआत करने के पीछे मुख्य वजह यह है कि भगवान श्रीराम और माता सीता ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यानी करीब साढ़े ग्यारह वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। चित्रकूट आज प्रदेश का एक प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल है, और इस मांग के पूरा होने से भारतीय संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

महिला इकाई ने भी रखी अपनी बात और दी चेतावनी

महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुषा भटनागर ने कहा कि माता जानकी भारतीय संस्कृति में नारी गरिमा और शक्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस दिवस को मनाने से नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेताया है कि यदि एक महीने के भीतर इस पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भोपाल में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विशाल पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।