स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने के दावों के बीच शिवपुरी जिले में कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला संगठन ने पार्टी की रीति-नीति के विपरीत कार्य करने और गुटबाजी को बढ़ावा देने के गंभीर आरोपों के चलते दो बड़े पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

इन नेताओं पर गिरी गाज

जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम रावत और कोलारस ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र शिवहरे के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। दोनों नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। संगठन का आरोप है कि ये नेता लंबे समय से पार्टी के अनुशासन को ताक पर रखकर गतिविधियां चला रहे थे।

स्वतंत्र आयोजनों और समानांतर कार्यक्रमों से बढ़ी तनातनी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कार्रवाई के पीछे 15 अगस्त के दिन कोलारस में हुए अलग-अलग आयोजन मुख्य वजह रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किसान कांग्रेस की तरफ से ब्लॉक स्तर पर एक अलग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें पुरुषोत्तम रावत और पूर्व जिला अध्यक्ष विजय सिंह चौहान समेत कई अन्य नेता शामिल हुए थे। इसी दिन पार्टी संगठन की ओर से भी अलग से कार्यक्रम तय था। मुख्य संगठन को बिना सूचना दिए समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाने से स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर खींचतान बढ़ गई थी।

हालांकि, आधिकारिक निष्कासन पत्र में सीधे तौर पर 15 अगस्त के कार्यक्रम का जिक्र नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि दोनों नेताओं को पहले भी नोटिस थमाए गए थे। इसके बावजूद उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया और संगठन विरोधी गतिविधियां जारी रहीं।

अनुशासन समिति की जांच और नेताओं की प्रतिक्रिया

जिला अनुशासन समिति के संयोजक सूर्यकांत पांडे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों से प्राप्त साक्ष्यों की पूरी जांच की गई। रिपोर्ट में दोनों नेताओं को दोषी पाए जाने के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया। उधर, कार्रवाई की जद में आए पुरुषोत्तम रावत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

मैंने किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के रूप में हमेशा संगठन की मजबूती के लिए काम किया है। पार्टी के खिलाफ कोई गतिविधि नहीं की गई और मुझे समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

रावत ने इस पूरे घटनाक्रम में सामाजिक समीकरणों का हवाला देते हुए भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे और मंडल अध्यक्ष ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, जबकि यह कार्रवाई करने वाले नेता सामान्य वर्ग से हैं। बहरहाल, जिला कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।