शिवपुरी जिले के भौराना स्थित स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWC) में प्रशासनिक औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भारी चूक का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में मिली अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अमले के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

लापरवाही पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कार्रवाई

कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषीश्वर ने उप स्वास्थ्य केंद्र भौराना में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) मनोज शिवहरे और एएनएम वंदना राय को आधिकारिक तौर पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

कम टीकाकरण और रिपोर्टिंग पर नाराजगी

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि केंद्र पर शासन की योजनाओं का संचालन ठीक प्रकार से नहीं हो रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, दस्तक अभियान के तहत डीएसएस टूल में महज 355 बच्चों की ही रिपोर्टिंग दर्ज की गई थी, जबकि पेंटावेलेंट-1 टीकाकरण का स्तर गिरकर केवल 40 प्रतिशत ही पाया गया।

सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति इस तरह की उदासीनता को उच्च अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। टीकाकरण लक्ष्यों को समय पर पूरा न करने और पोर्टल पर आंकड़ों की स्थिति संतोषजनक न मिलने के कारण ही यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश

जारी किए गए नोटिस के तहत दोनों संबंधित कर्मचारियों को तीन कार्य दिवस के अंदर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। उन्हें मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी की स्पष्ट टीप के साथ सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर जवाब नहीं दिया जाता है या प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो दोनों कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।