शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक पिता अपनी बेटी को स्कूल से पूरी किताबें न मिलने के विरोध में पानी की टंकी पर जा चढ़ा। युवक के हाथ में पेट्रोल की बोतल होने के कारण प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
क्या है पूरा मामला और क्यों शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला मनपुरा गांव का है, जहां रहने वाले दिनेश सगर ग्रेजुए हैं। उनकी बेटी मनपुरा के ही सरकारी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है। इस शैक्षणिक सत्र में बच्ची को स्कूल से पूरी किताबें नहीं मिल पाई थीं, जिसके बाद पिता ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने का मन बनाया।
दिनेश का तर्क है कि यदि उसकी बेटी को पढ़ाई के दौरान ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो अन्य बच्चों की स्थिति भी इससे अलग नहीं होगी। इसी मुद्दे को लेकर वह ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार को लेकर जागरूकता यात्रा निकालना चाहता था।
प्रशासन से अनुमति न मिलने पर उठाया कदम
दिनेश सगर ने 19 अगस्त को पिछोर एसडीएम को एक लिखित आवेदन सौंपकर 20 अगस्त से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक परिवर्तन यात्रा शुरू करने की अनुमति मांगी थी। उसने आवेदन में यह भी साफ किया था कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह का असंवैधानिक कार्य नहीं किया जाएगा।
उसने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि 20 अगस्त की सुबह 10 बजे तक उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी गई, तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होगा। मांग पूरी न होने और अनुमति न मिलने के बाद उसने यह चरम कदम उठाया।
पुलिस और प्रशासन अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार के अनुसार, युवक गुरुवार की दोपहर करीब 3 बजे टंकी पर जा चढ़ा। पुलिस लगातार उसे नीचे उतारने के लिए समझाइश दे रही है, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा हुआ है। उसके पास पेट्रोल की बोतल होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्कता बरत रही हैं और वह नीचे कूदने की धमकी दे रहा है।
वहीं, पिछोर तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर ने बताया कि युवक यात्रा के दौरान सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और छात्रावासों में जाकर औचक निरीक्षण करना चाहता था। प्रशासनिक नियमों के तहत इस तरह से किसी निजी व्यक्ति को सरकारी संस्थानों के भीतर सीधे प्रवेश कर निरीक्षण करने की अनुमति देना संभव नहीं है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!