ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्रामीण इलाकों की बदहाल व्यवस्थाएं एक बार फिर खुलकर सामने आई हैं। एक तरफ जहां पूरा देश जश्न में डूबा था, वहीं दूसरी तरफ स्कूली बच्चों को शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा। जिले की नरवर और शिवपुरी तहसीलों के गांवों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां रास्ते की बदहाली ने स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।
देहरेटा सानी गांव में कीचड़ से होकर गुजरे बच्चे
नरवर जनपद पंचायत भैंसा के अंतर्गत आने वाले देहरेटा सानी गांव के ग्रामीणों ने बदहाल सड़कों के वीडियो साझा किए हैं। इन दृश्यों में साफ दिखाई दे रहा है कि छोटे-छोटे बच्चे कीचड़ से भरे रास्तों पर चलकर अपने हाथों में तिरंगा थामे स्कूल पहुंच रहे हैं। बारिश के इस मौसम में रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे केवल विद्यार्थियों को ही नहीं बल्कि आमग्रामीणों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की दुर्दशा को लेकर पंचायत स्तर से लेकर नरवर प्रशासन तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा से हस्तक्षेप की मांग करते हुए गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
ठर्रा गांव में स्कूल परिसर में भरा पानी
इसी प्रकार की स्थिति शिवपुरी तहसील के ठर्रा गांव में भी देखने को मिली। यहां के शासकीय स्कूल परिसर और वहां तक पहुंचने वाले मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। पंद्रह अगस्त के राष्ट्रीय पर्व पर जब बच्चों को हर्षोल्लास के साथ स्कूल पहुंचना था, तब उन्हें पानी और कच्ची पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने इस दौरान स्कूल के शौचालयों की जर्जर हालत और पास की दुकान पर अवैध शराब की बिक्री होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से रोष
दोनों ही गांवों के निवासियों में स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण, जल निकासी और शैक्षणिक परिसरों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, परंतु अब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
अंचल के जागरूक नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से यह मांग की है कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से इन रास्तों को सुधारा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े इन मामलों में अब और देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि बच्चों को रोजमर्रा की ऐसी गंभीर समस्याओं से मुक्ति मिल सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!