शिवपुरी जिले में सावन के महीने में बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते क्षेत्र के तमाम नदी और नाले उफान पर आ चुके हैं। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई मार्गों पर संपर्क बाधित हो गया है। इसी मूसलाधार बारिश के बीच कोलारस और पोहरी तहसील की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पवा झरना इस सीजन में पहली बार अपने पूरे वेग और सुंदरता के साथ बहता नजर आया है।

रपटों पर पानी के तेज बहाव के बीच जोखिम उठा रहे लोग

क्षेत्र में हो रही लगातार वर्षा के कारण कई ग्रामीण इलाकों में बने रपटों और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद कुछ लापरवाह लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच से ही वाहन और पैदल रास्ता पार कर रहे हैं। पानी का वेग इतना अधिक है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, झरने और उफनती नदियों के किनारों पर भी सैलानियों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जिसे लेकर प्रशासन चिंतित है।

नदी में नहाते समय 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत

जिले में पानी के स्रोतों के पास हो रही लापरवाही एक परिवार के लिए भारी पड़ गई। हाल ही में तेंदुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में नदी में नहाने उतरे एक 22 वर्षीय युवक की गहरे पानी में जाने से मौत हो गई। मृतक छोटू जाटव, जो श्योपुर जिले के सहसराम का रहने वाला था, अपनी ससुराल आया हुआ था।

घटना के दिन छोटू अपने साले और साडू के साथ बाइक से कहीं से लौट रहा था। रास्ते में केनवाया गांव के पास वे लोग नदी में नहाने के लिए रुके थे। नहाने के दौरान छोटू अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

जिला प्रशासन और सीईओ की लोगों से सतर्क रहने की अपील

नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे पानी से भरी रपटों या रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। साथ ही, नदी, नाले और झरनों के पास अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।