शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलेभर से आए आम नागरिकों और ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं से जुड़े कई गंभीर मामले अधिकारियों के सामने रखे। लोगों ने राशन वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, अवैध शराब के कारोबार, पंचायत स्तर के निर्माण कार्यों और पेयजल की किल्लत को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
चार महीने से राशन न मिलने का आरोप और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने की शिकायत
कोलारस इलाके के अंतर्गत आने वाले ग्राम दीघोद के रहवासियों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान के सेल्समैन मुनेश जाटव और दिलीप जाटव के खिलाफ मोर्चा खोला। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उन्हें राशन का वितरण नहीं किया गया है। इससे पहले जब उन्होंने इसकी शिकायत की थी, तब तहसीलदार और खाद्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया था। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उस दौरान उनसे जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और दुकान महीने में केवल तीन दिन खुलने की झूठी रिपोर्ट बना दी गई। उन्होंने अपनी मौजूदगी में दोबारा निष्पक्ष जांच करवाकर चार महीने का रुका हुआ राशन दिलवाने की गुहार लगाई है।
इलाज के लिए बैंक में जमा पैसे निकालने की गुहार और आवास सर्वे में धांधली
शिवपुरी शहर की रहने वाली सरवती वर्मा ने कलेक्टर के समक्ष पेश होकर अपने इलाज के वास्ते जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में जमा खुद के 2 लाख रुपये निकलवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों से उनका गंभीर इलाज चल रहा है, जिस कारण काफी पैसे खर्च हो चुके हैं और बैंक प्रबंधन से बार-बार कहने के बावजूद उन्हें उनकी राशि नहीं दी जा रही है। दूसरी ओर, करैरा तहसील के ग्राम सिरसौद के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सर्वेयर प्रीति लोधी और रोजगार सहायक दिनेश नागर ने पैसों के लेन-देन के बाद अपात्र लोगों को सूची में जोड़ा और पात्रों के नाम काट दिए। आरोप है कि रोजगार सहायक ने अपने परिवार के कई लोगों के नाम भी सूची में शामिल कर लिए हैं।
शराब की अवैध बिक्री और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पर नाराजगी
शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर 16 स्थित बरौदी आदिवासी मोहल्ले के लोगों ने इलाके में धड़ल्ले से बिक रही कच्ची शराब पर रोक लगाने की मांग उठाई। रहवासियों का कहना है कि दिन-रात बिकने वाली शराब के कारण वहां आने वाले लोग गाली-गलौज करते हैं, जिससे बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा नरवर जनपद की ग्राम पंचायत सावोली में निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया। शिकायतकर्ता कृपाल सिंह सोलंकी ने बताया कि जांच में कार्य मौके पर न मिलने की पुष्टि के बावजूद कोई रिकवरी या कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पंचायत सचिव पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
एक किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
करैरा तहसील के ग्राम आलमपुर मट पपरोडू के निवासियों ने गांव में नल-जल योजना शुरू करने की मांग को लेकर आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में करीब 50 से 60 परिवार रहते हैं, जिन्हें पीने के पानी के लिए रोजाना लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पंचायत स्तर पर सरपंच और सचिव को कई बार अवगत कराने के बावजूद इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!