तेंदुआ थाना क्षेत्र का मामला
शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके में पशुओं को पानी में उतारने की बात को लेकर उपजा विवाद गंभीर मारपीट में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर चिकित्सीय सहायता और पुलिस मदद लेनी पड़ी।
पहला पक्ष: गोवर्धन गुर्जर के आरोप
ग्राम पिछोर के रहने वाले गोवर्धन गुर्जर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि सोमवार को दोपहर करीब दो बजे वह अपने भतीजे आशाराम गुर्जर के साथ गांव की बंधी के कुएं के समीप भैंसें चरा रहे थे। इसी दौरान भैंसें सड़क के पास मौजूद पानी से भरे गड्ढों में चली गईं।
गोवर्धन का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के अवतार गुर्जर, भगवत गुर्जर और सागर गुर्जर मौके पर पहुंच गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। आरोप है कि अवतार ने उन्हें दबोच लिया तथा सागर ने डंडों से प्रहार किया। बीच-बचाव करने आए आशाराम के साथ भी मारपीट की गई और भविष्य में ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
दूसरा पक्ष: अवतार गुर्जर का पक्ष
घटना के दूसरे पहलू में अवतार गुर्जर ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वह अपने खेत पर पहुंचे, तब गोवर्धन और आशाराम अपनी भैंसों को उनके खेत के पास जमे पानी में उतार रहे थे। फसल खराब होने की आशंका जताते हुए जब उन्होंने पशुओं को हटाने की बात कही, तो दोनों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
अवतार के अनुसार गोवर्धन ने उनके दाहिने हाथ की छोटी उंगली मरोड़ दी, वहीं आशाराम ने डंडे से उनके दाहिने कंधे पर वार कर चोट पहुंचाई।
दोनों पक्षों की ओर से थाने में दी गई शिकायतों के आधार पर तेंदुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है ताकि घटना की असल वजह और अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!