राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए एक कार्यक्रम को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में रविवार की शाम को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।

माधव चौक पर किया गया प्रदर्शन और कैंडल मार्च

शिवपुरी शहर के प्रमुख माधव चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गान किया और वहां भारत माता की आरती भी उतारी गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राष्ट्रगीत का अपमान किया गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वीडियो सामने आने के बाद गरमाई सियासत

भाजपा नेताओं का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस दफ्तर में जब 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन हो रहा था, तब सोनिया गांधी ने कथित तौर पर गीत को रोकने का इशारा किया था। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी भी थी। इस घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद से ही दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

कांग्रेस की तरफ से आया यह स्पष्टीकरण

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर कांग्रेस पार्टी ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी है। कांग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी का वह इशारा 'वंदे मातरम्' के गायन को रोकने के लिए बिल्कुल नहीं था। पार्टी के मुताबिक, वह इशारा लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था कराने के संदर्भ में था।

बहरहाल, इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय फलक तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिवपुरी में भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई है।