शिवपुरी जिले में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मंच पर महिला जनप्रतिनिधियों को पीछे की तरफ जगह मिलने से नाराज होकर उन्होंने नीचे आकर जनता के बीच बैठने का निर्णय लिया, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जनता से चुनकर आने की बात कहकर जताई आपत्ति
नाराज महिला प्रतिनिधियों का तर्क था कि पूरे आयोजन में पहले से ही महिलाओं की संख्या कम है और ऊपर से उन्हें पीछे बैठाया गया है। उनका कहना था कि वे जनता द्वारा सीधे चुनकर आई प्रतिनिधि हैं, इसलिए यदि उन्हें मंच पर उचित सम्मान और स्थान नहीं मिलेगा, तो वे नीचे जनता के बीच ही बैठेंगी।
विधायक ने खुद नीचे आकर मनाया
मामला बढ़ता देख स्थानीय विधायक देवेंद्र जैन खुद अपनी कुर्सी छोड़कर नीचे आए और नाराज महिला जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। विधायक के समझाने और आग्रह के बाद हेमलता रघुवीर रावत तथा गायत्री शर्मा दोबारा मंच पर जाने के लिए तैयार हुईं।
महिला जनप्रतिनिधियों के दोबारा मंच पर आने के बाद आयोजकों को सीट की नई व्यवस्था करनी पड़ी। उन्हें आगे की पंक्ति में जगह देने के लिए पहले से बैठे कुछ अन्य पदाधिकारियों को पीछे की तरफ शिफ्ट करना पड़ा।
जिला पंचायत सदस्य के कार्यक्रम छोड़कर जाने से गरमाई सियासत
इसी कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य भारती रावत के भी नाराजगी जताते हुए आयोजन से चले जाने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि यह पूरा कार्यक्रम उसी जिला पंचायत वार्ड क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा था, जिसका प्रतिनिधित्व भारती रावत करती हैं।
स्थानीय वार्ड प्रतिनिधि को मंच पर उचित स्थान न मिलने के कारण उनके परिजनों और समर्थकों में काफी रोष व्याप्त दिखा। भारती रावत के ससुर भूपेंद्र रावत ने इस पूरी व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस क्षेत्र की जनता नेत्री का वार्ड है, अगर उसी के कार्यक्रम में उन्हें तवज्जो न मिले, तो वहां रुकने का कोई औचित्य नहीं है।
घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों के मान-मनौव्वल का दृश्य दिखाई दे रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से स्थानीय स्तर पर आयोजकों की व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!