शिवपुरी जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान सिरसौद से आईं छात्राओं ने बस चालकों द्वारा मनमाने तरीके से किराया बढ़ाए जाने की शिकायत दर्ज कराई।
लाइब्रेरी आने वाली छात्राओं ने जताया आर्थिक संकट
सिरसौद की रहने वाली छात्राओं ने बताया कि वे पिछले दो साल से प्रतिदिन शिवपुरी आकर लाइब्रेरी में अपनी पढ़ाई करती हैं। पहले बस का एक तरफ का किराया 20 रुपए लिया जाता था, लेकिन पिछले पांच दिनों से बस ऑपरेटर दोगुना यानी 40 रुपए वसूल रहे हैं। साधारण परिवारों से ताल्लुक रखने वाली इन छात्राओं के लिए रोजाना इतना खर्च उठाना मुश्क़िल हो रहा है, इसलिए उन्होंने किराया पूर्ववत कराने की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों ने बस्ती से शराब ठेका हटाने की मांग की
बैराड़ तहसील के अंतर्गत आने वाले खेरपुरा गांव के ग्रामीण भी जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम दिए गए आवेदन में बताया कि उनकी आदिवासी बस्ती के पास ही शराब का ठेका संचालित हो रहा है। इसके कारण क्षेत्र में आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब पीने के बाद लोग गाली-गलौज करते हैं और महिलाओं के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इसका बुरा असर बच्चों के मानसिक विकास पर भी पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस ठेके को तुरंत किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
शासकीय स्कूल में भोजन व्यवस्था और सुविधाओं पर सवाल
करैरा तहसील के बांसगढ़ गांव के ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल की लचर व्यवस्थाओं की शिकायत की। उनका कहना है कि स्कूल में दो से तीन सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें नियमानुसार मीनू के आधार पर भोजन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा भोजन तैयार करने की जगह भी स्वच्छ नहीं है।
ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में रसोईघर, बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था और खेल मैदान के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने पिछले 15 वर्षों से भोजन बना रहे समूह संचालक को हटाने और शिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
राशन वितरण में অনিয়ম और तौल में गड़बड़ी का आरोप
चंदौरिया-रामपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी उचित मूल्य दुकान के संचालक पर जुलाई महीने का राशन न देने का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 320 उपभोक्ताओं के फिंगरप्रिंट तो लगवाए गए, लेकिन उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया गया। साथ ही तौल का कांटा खराब होने और आंगनवाड़ी के राशन वितरण में भी गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!