शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाली करैरा तहसील के छितीपुर गांव के शासकीय हाईस्कूल में आयरन की गोलियों के वितरण के बाद एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है। विद्यालय में स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को आयरन की गोलियां बांटी गई थीं, जिन्हें खाने के पश्चात चार विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती
तबीयत बिगड़ने वाले विद्यार्थियों में तीन छात्राएं और एक छात्र शामिल हैं। बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आते ही स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत ऐक्शन लेते हुए सभी चारों बच्चों को उपचार के लिए नजदीकी करैरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया गया।
चिकित्सकीय टीम और अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
प्रशासनिक और वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद विद्यालयों में स्वास्थ्य योजनाओं के तहत बांटी जाने वाली दवाओं के वितरण और बच्चों पर रखी जाने वाली निगरानी की व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। स्कूल के प्राचार्य जगत राय का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक विद्यार्थी को केवल एक-एक गोली ही दी गई थी।
संभव है कि कुछ बच्चों ने आपस में गोलियां लेकर तय मात्रा से ज्यादा सेवन कर लिया हो, जिससे उनकी तबियत खराब हुई।
प्राचार्य के अनुसार अधिक मात्रा में दवा लेने से यह स्थिति बन सकती है, हालांकि बच्चों द्वारा वास्तव में कितनी गोलियां खाई गईं, इसकी सटीक पुष्टि मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने लिया स्थिति का जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. नारायण कुशवाह ने प्रभावित स्कूल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पुष्टि की कि चार बच्चों के अस्वस्थ होने की सूचना मिली थी, जिन्हें उपचार के बाद अब सुरक्षित और स्वस्थ पाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि भविष्य में स्कूलों में किसी भी प्रकार की दवाइयां वितरित करते समय शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को और अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि छात्र केवल निर्धारित खुराक ही लें और किसी प्रकार की लापरवाही न हो।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!