शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने पोहरी के एसडीएम और एक पटवारी के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में सुधार संबंधी आदेश जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच के बाद EOW ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए दिया था आवेदन

EOW के अनुसार, शिवपुरी निवासी गोविंद शिवहरे ने ग्राम रघुनाथपुरा स्थित कृषि भूमि खरीदने का अनुबंध किया था। राजस्व अभिलेखों में नाम संबंधी त्रुटि होने के कारण भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए उन्होंने पोहरी एसडीएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था।

पहले 10 हजार, फिर 5 हजार रुपये मांगने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में अनुकूल आदेश जारी करने के लिए एसडीएम जे.पी. गुप्ता ने पटवारी अशोक वर्मा के माध्यम से पहले 10 हजार रुपये और बाद में 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने 25 जून को EOW ग्वालियर कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई।

ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी जांच का आधार

शिकायत मिलने के बाद EOW ने शिकायतकर्ता को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर उपलब्ध कराया और आरोपियों से होने वाली बातचीत रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता ने एसडीएम कार्यालय में हुई बातचीत रिकॉर्ड की, जिसमें कथित रूप से रिश्वत की मांग और राशि पटवारी को देने की बात सामने आई।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग में अपनी तथा दोनों आरोपियों की आवाज की पहचान की। जांच एजेंसी ने रिकॉर्डिंग का ट्रांसक्रिप्ट तैयार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।