शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के दौरान खनन माफिया ने तहसीलदार को खुलेआम गोली मारने की धमकी दे डाली। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं प्रशासन ने आरोपियों के निर्माणाधीन मकान के एक हिस्से पर बुलडोजर चलाया है। साथ ही उनकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना बदरवास तहसील के सड़बूड़ गांव की है। गुरुवार को तहसीलदार सचिन भार्गव राजस्व अमले के साथ सिंध नदी के किनारे सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध मिट्टी उत्खनन की शिकायत की जांच करने पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान जब एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई तो आरोपी जयमंडल यादव भड़क उठा।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने तहसीलदार को धमकाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह गोली मार देगा। उसने अपने बेटे को घर से बंदूक लाने के लिए भी आवाज लगाई। इस दौरान आरोपी एक हाइड्रा मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गए।
शुक्रवार को एसडीएम अनूप श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम दोबारा गांव पहुंची। पुलिस ने मुख्य आरोपी जयमंडल यादव, उसके पिता लाखन यादव और बेटे विकुल यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से आरोपियों के निर्माणाधीन मकान के सामने वाले हिस्से को ध्वस्त कर दिया।

माइनिंग विभाग की जांच में सरकारी जमीन पर करीब 6 हजार घन मीटर मिट्टी और 4 हजार घन मीटर रेत का अवैध उत्खनन सामने आया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार आरोपियों से 40 लाख रुपये से अधिक की वसूली की जाएगी।
तहसीलदार सचिन भार्गव ने बताया कि आरोपियों ने सरकारी भूमि पर करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे खोद दिए थे। पूछताछ में उन्होंने जमीन को अपनी निजी भूमि बताया, लेकिन जांच में शासकीय भूमि पर भी अवैध खनन की पुष्टि हुई।
कोटवार सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और गाली-गलौज सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






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बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!