शिवपुरी जिले के बैराड़ नगर में सोमवार को आवारा कुत्तों का भयंकर कहर देखने को मिला। तहसील कार्यालय के पास, सड़क पर पैदल चल रहे लोगों और स्कूल जा रहे बच्चों को आवारा कुत्तों ने अचानक काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस खौफनाक घटना के दौरान एक युवक को तो चलती हुई बाइक पर ही कुत्ते ने अपना निशाना बना लिया।
अस्पताल में उमड़ी घायलों की भीड़ और दवाइयों की कमी
एक साथ कई लोगों के घायल हो जाने के बाद बैराड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीड़ितों और उनके परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई जब पता चला कि अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन स्टॉक में उपलब्ध ही नहीं हैं। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई लोगों को बाजार के मेडिकल स्टोर से अपने खुद के पैसों से इंजेक्शन खरीदने पड़े।
इस हमले में घायल हुए लोगों में बैराड़ निवासी 20 वर्षीय पवन ओझा और कलामढ़ गांव के 12 वर्षीय प्रयास प्रजापति की स्थिति ज्यादा गंभीर थी। इन दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके अलावा नेहरगड़ा के रहने वाले 26 वर्षीय गजेंद्र यादव, 11 वर्षीय आदित्य शिवहरे और 40 वर्षीय बलराम सहित अन्य घायलों का भी इसी केंद्र पर उपचार किया गया।
जिले में चल रही है एंटी रेबीज टीकों की किल्लत
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आवश्यक दवाओं और टीकों की अनुपलब्धता का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में बैराड़ के बीएमओ डॉ. द्वारिका वर्मा ने फोन पर पुष्टि की है कि कुत्तों के काटने से कई लोग घायल हुए हैं और घटना के वक्त स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने इस मामले में निरीक्षण करने की बात कही है।
वहीं, सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषेश्वर ने स्वीकार किया है कि पूरे जिले में इस समय एंटी रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति काफी कम है। वेंडर को काफी समय पहले मांग भेजी जा चुकी है लेकिन अब तक सप्लाई नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल से कुछ इंजेक्शन बैराड़ भेजे गए हैं तथा जिन लोगों ने बाहर से इंजेक्शन खरीदे हैं, उन्हें रोगी कल्याण समिति के जरिए राशि वापस दी जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!